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इनकम टैक्स बचाने के 7 सुपरहॉट तरीके, जान कर बन जाएंगे मालामाल 

सबके दिमाग में एक सवाल घूमता है कि कम इनकम टैक्स भरने का आसान तरीका क्या हो सकता है? अगर आप टैक्स भरते हैं तो यह सवाल जरूर उठता होगा. इतना तो तय है कि दायरे में आते हैं तो टैक्स भरना ही होगा क्योंकि इससे बचने का कोई उपाय नहीं.
 
इनकम टैक्स बचाने के 7 सुपरहॉट तरीके, जान कर बन जाएंगे मालामाल 

Meri Kahania, New Delhi: लयह भी तय है कि आप चाहें तो कुछ उपायों से टैक्स की देनदारी को कम कर सकते हैं. यह तभी हो पाएगा जब आप सधी हुई प्लानिंग करें.

टैक्स की बचत तभी होगी जब आप अपने खर्च और निवेश पर ध्यान देंगे. इनकम टैक्स के कई नियम हैं जो आपको टैक्स बचाने में मदद करते हैं. इसके लिए आपको पहले से योजना बनानी होगी और फिर उसी हिसाब से आगे बढ़ना होगा.

रिटायरमेंट के लिए सेविंग करें

अगर आप कम टैक्स चुकाना चाहते हैं तो इसकी प्लानिंग बनाएं और रिटायरमेंट के लिए सेविंग शुरू कर दें. कई निवेश ऐसे हैं जिन पर 1.5 लाख रुपये तक की छूट ली जा सकती है.

अगर आप टैक्स सेविंग स्कीम में पूरा पैसा लगाते हैं तो आपकी टैक्सेबल इनकम 1.5 लाख रुपये तक घट सकती है. इन टैक्स सेविंग इनवेस्टमेंट में पीपीएफ, एनपीएस, ईपीएफ, टैक्स सेविंग एफडी के नाम हैं. इन स्कीम में रिटायरमेंट के लिए पैसे जमा किए जाएं तो सेक्शन 80C के अंतर्गत 1.5 लाख रुपये तक बचाए जा सकते हैं.

माता-पिता के मेडिकल बिल संभाल कर रखें

Tax2win.in के को-फाउंडर और सीईओ अभिषेक सोनी ‘फाइनेंशियल एक्सप्रेस’ को बताते हैं, सीनियर सिटीजन माता-पिता के मेडिकल बिल को संभाल कर रखना चाहिए और इस बिल का पैसा ऑनलाइन मोड में जमा करना चाहिए. इससे सेक्शन 80D के तहत 50,000 रुपये का डिडक्शन पाया जा सकता है.

HRA के लाभ के लिए किराया रसीद रखें

अगर आप किराये के मकान में रहते हैं तो मकान मालिक से रेंट की रसीद लें और साथ में रेंट एग्रीमेंट भी रखें. इससे एचआरए को क्लेम करने में मदद मिलती है और टैक्स की देनदारी को कम किया जाता है. अगर आप एक साल में 1 लाख रुपये से ज्यादा किराया देते हैं तो आपको मकान मालिक का पैन नंबर भी लेना चाहिए. इनकम टैक्स रिटर्न में इसकी जानकारी देनी होती है.

अपने और परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लें

टैक्स बचाने के लिए खुद के लिए और परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस जरूर लें. इसमें हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर टैक्स छूट को क्लेम किया जा सकता है. सेक्शन 80C और 80D के तहत इंश्योरेंस के प्रीमियम पर डिडक्शन लिया जा सकता है.

टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड में निवेश करें

टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड (ELSS) में निवेश को टैक्स बचाने का बेहतर जरिया माना जाता है. इस फंड में निवेश से अच्छा रिटर्न मिलता है, साथ में सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक डिडक्शन का लाभ उठा सकते हैं.

हालांकि म्यूचुअल फंड में निवेश पर टैक्स छूट का फायदा तभी लिया जा सकता है जब सेक्शन 80C के तहत किसी और निवेश में 1.5 लाख डिडक्शन का लाभ न उठाया गया हो. सेक्शन 80C के तहत निवेश पर अधिकतम 1.5 लाख तक डिडक्शन लिया जा सकता है, उससे अधिक नहीं.

NPS में निवेश करें

नेशनल पेंशन सिस्टम या NPS में निवेश को टैक्स बचाने के लिए सबसे अच्छा जरिया माना जाता है. किसी अन्य निवेश में 1.5 लाख की छूट के साथ एनपीएस में जमा पैसे पर 50,000 रुपये का डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है.

यह नियम सेक्शन 80CCD(1B) के अंतर्गत आता है. 50,000 रुपये का यह डिडक्शन 80C के डिडक्शन के अलावा लिया जा सकता है.

कंपनी से NPS में पैसे जमा कराएं

टैक्स बचाने के लिए खुद एनपीएस में पैसे जमा करने के अलावा कंपनी से भी निवेश कराना बेहतर होता है. कर्मचारी की तरफ से कंपनी भी चाहे तो एनपीएस में पैसे जमा करा सकती है.

कंपनी के जमा पैसे पर अतिरिक्त 10 परसेंट का डिडक्शन ल लिया जा सकता है. यहां 10 परसेंट बेसिक सैलरी और डीए का होता है.