Bank Check Rules : चेक भरते समय भूलकर भी न करें ये 8 गलतियां, वरना खड़ी हो जाएगी बड़ी समस्या
Meri Kahania

Bank Check Rules : चेक भरते समय भूलकर भी न करें ये 8 गलतियां, वरना खड़ी हो जाएगी बड़ी समस्या

चेकबुक (Cheque Book) का इस्‍तेमाल बैंकिंग फैसिलिटी यूज करने वाले अधिकतर लोग करते हैं. चेक के जरिए हमारे देश में खूब लेन-देन होता है. किसी भी बड़े भुगतान या लेनदेन के लिए चेक का इस्‍तेमाल किया जाता है.
 
Bank Check Rules : चेक भरते समय भूलकर भी न करें ये 8 गलतियां, वरना खड़ी हो जाएगी बड़ी समस्या

 Meri Kahania, New Delhi: अगर आप भी चेक (Cheque) का अक्‍सर इस्‍तेमाल लेन-देन हेतु करते हैं तो आपको चेक अत्‍यंत सावधानी से भरना चाहिए.

आपसे हुई एक छोटी-सी गलती भी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है. एक-दो मिस्‍टेक तो ऐसी हैं, जिनकी वजह से आपका बैंक खाता भी खाला हो सकता है.

हम जिस व्‍यक्ति का नाम चेक में भरकर देते हैं उस व्‍यक्ति को बैंक चेक पर लिखी गई राशि का भुगतान कर देता है. जिस व्यक्ति को पैसे दिए जाने हैं, चेक में उसका नाम लिखना होता है.

व्‍यक्ति के साथ ही व्य किसी कंपनी या संस्था के नाम भी चेक जारी किया जा सकता है. चेक भरते वक्‍त कुछ लोग अक्‍सर कुछ गलतियां कर देते हैं. आमतौर पर होने वाली इन गलतियों के बारे में ही हम आज आपको बताएंगे.

अमाउंट के बाद ओनली न लिखें-
यह वह गलती है जो बहुत से लोग करते हैं. जब भी किसी को चेक भरकर दें तो आपने जो राशि शब्‍दों में लिखी है उसके अंत में ‘ओनली’ जरूर लिखें. जैसे ‘ Five lakhs Only’. इसी तरह अंकों में लिखी रकम के अंत में भी तिरछा डंडा (/) जरूर लगाएं. जैसे, 500000/.

दरअसल चेक पर अमाउंट के आखिरी में Only लिखने का मकसद संभावित धोखाधड़ी को रोकना होता है. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो हो सकता है चेक लेने वाला राशि के आगे कुछ और लिखकर आपके खाते से ज्‍यादा राशि निकाल ले.

खाली चेक पर साइन करना-
आमतौर पर लोग विश्‍वास करके खाली चेक पर साइन करके ही पकड़ा देते हैं. ऐसी गलती आप कभी न करें. चेक पर साइन करने से पहले हमेशा चेक जिसको दे रहे हैं, उसका नाम, अमाउंट और डेट उस पर लिख दें.

गलत हस्‍ताक्षर-
बैंकों में जिस वजह से बड़ी संख्‍या में चेक बाउंस होते हैं, वह है चेक काटने वाले द्वारा गलत हस्‍ताक्षर करना. हस्‍ताक्षर यानी साइन बैंक में मौजूद सिग्‍नेचर से मेल नहीं खाया तो भी चेक बाउंस हो जाएगा.

लिहाजा चेक पर साइन उसी तरीके से करें, जैसे आपने बैंक के फार्म पर किए थे ताकि आपके हस्‍ताक्षर बैंक में मौजूद सिग्‍नेचर से मेल खाएं और बैंक चेक क्लियर कर दे.

गलत तारीख लिखी होने पर भी बैंक चेक स्‍वीकार नहीं करते हैं. इसलिए लिए चेक काटते वक्‍त चेक पर तारीख सही लिखें और ताकि उसे भुनाने में किसी तरह की कोई दिक्‍कत नहीं आए.

चेक में परमानेंट इंक का इस्‍तेमाल न करना-
चेक भरते वक्‍त पैन की स्‍याही की क्‍वालिटी भी चेक कर लें. बहुत से लोग ऐसे पैन से चेक काट देते हैं जिसकी लिखावट फीकी होती है या फिर उसको आसानी से मिटाकर कुछ और लिखा जा सकता है.

चेक के साथ छेड़छाड़ से बचने के लिए परमानेंट इंक का प्रयोग करना चाहिए ताकि इसमें काट-छांट कर बाद में बदला न जा सके.

बिना पर्याप्‍त अकाउंट बैलेंस चेक काट देना-
चेक बाउंस होने पर आपको जुर्माने के साथ-साथ जेल भी जाना पड़ सकता है. जब कोई बैंक किसी कारण से चेक को रिजेक्ट कर देता है और पेमेंट नहीं हो पाता है तो इसे चेक बाउंस होना कहते हैं.

ऐसा होने का कारण ज्यादातर अकाउंट में बैलेंस ना होना होता है. चेक जारी करते समय आपके अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस होना बहुत जरूरी है.

पोस्ट-डेटिंग चेक जारी करना-
चेक को पोस्ट-डेटिंग करने से बचें क्योंकि हो सकता है कि बैंक इसे स्वीकार न करे. बैंक को चेक का भुगतान करने में तारीख महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

आप वह तारीख डाल सकते हैं जब आप चाहते हैं कि आपके खाते से धनराशि कट जाए. अगर आपने गलत तारीख, महीना या साल डाला है, तो आपका चेक वापस आने की सबसे अधिक संभावना है.

चेक नंबर याद न रखना-
चेक नंबर का ध्यान रखें और इसे अपने रिकॉर्ड में नोट कर लें. यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आप इसे किसी सुरक्षित स्थान पर लिख लें. जब भी कोई विवाद हो, तो आप संदेह दूर करने के लिए या सत्यापन के लिए बैंक को देने के लिए हमेशा इस चेक नंबर का उपयोग कर सकते हैं.

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