Meri Kahania

Business idea: अगर आपके पास है ज़मीन ये पेड़ लगाए और कमाएंगे 1 करोड़ रुपये

गांव हो या शहर कहीं भी ये बिजनेस आइडिया हिट होगा. कोई भी अच्छा निवेश थोड़ा समय मांगता है और इस बिजनेस के लिए भी सब्र जरूरी होगा.
 
Business idea: अगर आपके पास है ज़मीन ये पेड़ लगाए और कमाएंगे 1 करोड़ रुपये

Meri Kahania, New Delhi: आपको 1 लाख रुपये लगाने होंगे और 12 साल बाद आपके पास करोड़ों रुपये की संपत्ति होगी. इस बिजनेस में आपको फैक्ट्री लगाने या फिर दुकान खोलने की जरूरत भी नहीं है.

आपके पास बस खाली जमीन होनी चाहिए. अगर आपके पास जमीन और 1 लाख रुपये हैं तो आप बेशक यह काम कर सकते हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कौन सा बिजनेस आइडिया है. हम बात कर रहे हैं महोगनी के पेड़ से पैसा बनाने की.

महोगनी का पेड़ मार्केट में अभी 2000 रुपये प्रति घन मीटर तक बिक जाता है. एक पेड़ की कीमत 40-50 हजार रुपये तक तक होती है. संभव है कि 12 साल बाद इसकी कीमत और बढ़ जाए. बहरहाल, हम इसी कीमत पर आग बढ़ते हैं.

आपको कितने पेड़ लगाने होंगे यह बात शीर्षक से समझ आ गई होगी. आप 120 पेड़ों से 12 साल के अंदर करोड़ों की संपत्ति बना सकते हैं. ये कैसे होगा इसका गणित हम बताते हैं.

कमाई का कैलकुलेशन

अगर आप 1 एकड़ में महोगनी के पौधे लगाते हैं तो उनके बीच पर्याप्त दूरी रखते हुए 1000 पौधे लगाए जा सकते हैं. 10-12 साल के अंदर एक पेड़ से 20 क्यूबिक फीट तक लकड़ी प्राप्त होती है.

महोगनी के पेड़ की कीमत क्यूबिक फीट में ही लगती है. 1000 पेड़ों से 20,000 क्यूबिक फीट लकड़ी प्राप्त होगी. ध्यान दें कि हम न्यूनतम क्यूबिक फीट को लेकर चल रहे हैं.

आमतौर पर 10-12 साल में महोगनी के पेड़ से 25 क्यूबिक फीट लकड़ी मिलती है. हर क्यूबिक फीट की की कीमत 500-1000 रुपये रुपये होती है. इसमें भी हम न्यूनतम वैल्यू को ही लेते हैं, जो 500 रुपये है.

अब 20,000 क्यूबिक फीट लकड़ी 500 रुपये प्रति क्यूबिक फीट के हिसाब से कितने में बिकेगी? जवाब है- 1 करोड़. यह कमाई तब है जब सारी वैल्यू न्यूनतम रखकर कैलकुलेशन की गई है.

अगर इसमें आप निवेश की बात करें तो टोटल कॉस्ट करीब 1 लाख रुपये आएगी. इसमें आपके पौधे, लेबर चार्ज, फर्टिलाइजर की कॉस्ट व अन्य मिले-जुले खर्च शामिल हैं. यानी आपका नेट प्रॉफिट 99 लाख रुपये का होगा.

कहां लगा सकते हैं महोगनी

महोगनी के पेड़ को वहां लगाया जा सकता है जहां हवाएं कम चलती हैं. इनकी लंबाई भारत में 60 फीट तक जाती है और ये पतले होते हैं. इनकी जड़ें कमजोर होती हैं, इसलिए तेज हवा के बहाव में गिर सकते हैं.

आमतौर पर इन्हें पहाड़ी इलाके छोड़कर बाकी कहीं भी लगाया जा सकता है. एक जरूरी बात ध्यान दें कि इन्हें जलभराव वाले इलाकों में लगाने से बचें.