Meri Kahania

Business Ideas: नौकरी की टेंशन छोड़ करें बबल पैकिंग बिजनेस, हर महीने होगी 1 लाख रुपये की कमाई!

मौजूदा समय में रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाले उत्पादों की पैकेजिग की मांग बढ़ी. ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बढ़ने से पैकेजिंग इंडस्ट्री में तेजी आई है. साथ ही भारतीय उत्पादों के निर्यात में तेजी भी इसे मदद मिली है.
 
Business Ideas: नौकरी की टेंशन छोड़ करें बबल पैकिंग बिजनेस, हर महीने होगी 1 लाख रुपये की कमाई!

Meri Kahania, New Delhi: फूड, बेवरेज, एफएमसीजी प्रोडक्ट्स की डिलीवरी के लिए खास पैकेजिंग की जरूरत पड़ती है. फ्रेजल (Fragile) आइटम्स की डिलीवरी के लिए एक खास तरह की पैकेजिंग की जरूरत है.

इससे बबल शीट में पैक किया जाता है. ऐसे में बबल पैकिंग पेपर (Bubble Packing Papers)  का बिजनेस शुरू करना फायदेमंद हो सकता है. 

Bubble Packing Papers विशेष रूप से मोल्ड किए गए इंडस्ट्रियल पेपर होते हैं जिनका उपयोग फूड कंज्यूमेबल्स सामग्रियों और फलों जैसे अंडे, संतरे, सेब, अंगूर और लीची के लिए पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन में किया जाता है.

यह बहुमुखी पैकिंग किसी भी उत्पाद के अनुरूप बनाई गई है और एक्सपोर्ट पैकिंग में बड़े पैमाने पर उपयोग की जाती है.

कितने में शुरू होगा Bubble Packing Paper का बिजनेस

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने बबल पैकिंग पेपर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस पर एक रिपोर्ट तैयार की है. इसके मुताबिक, बबल पैकिंग पेपर का बिजनेस शुरू करने पर 15.05 लाख रुपए का खर्च आएगा.

इसमें 800 वर्ग फुट वर्कशेड के निर्माण पर 160,000 रुपए, इक्विपमेंट पर 645,000 रुपए खर्च होंगे. कुल खर्च 805,000 रुपए होगा. इसके अलावा वर्किंग कैपिटल के लिए 700,000 रुपए की जरूरत होगी.

कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट 1,505,000 रुपए हुआ. यानी बिजनेस शुरू करने और चलाने के लिए 15 लाख रुपए की जरूरत होगी.

सरकार करेगी मदद

अगर आपके पास बिजनेस शुरू करने के लिए रकम नहीं है तो आप प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PM Mudra Yojan) से लोन ले सकते हैं. इस स्कीम के तहत सरकार अपना बिजनेस शुरू करने वालों को 10 लाख रुपए  तक लोन देती है.

हर महीने 1 लाख रुपए कमाएं

केवीआईसी ने बबल पैकिंग पेपर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस पर जो रिपोर्ट तैयार की है उसके मुताबिक, इस बिजनेस से सालाना 1,142,000 रुपए की कमाई हो सकती है. प्रोजेक्ट रिपोर्ट के मुताबिक, इस बिजनेस से सालाना 1280000 क्विंटल बबल पैकिंग पेपर का उत्पादन हो सकता है और इसकी कुल वैल्यू 4685700 रुपए होगी.

प्रोजेक्टेड सेल्स 599000 रुपए है जबकि ग्रॉस सरप्लस 1214300 रुपए होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, नेट सरप्लस 1142000 रुपए हो सकती है.

KVIC के मुताबिक, यह आंकड़े सांकेतिक हैं और अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग हो सकते हैं. अगर बिल्डिंग पर निवेश को किराये में ट्रांसफर किया जाए तो प्रोजेक्ट कॉस्ट कम हो जाएगी और मुनाफा बढ़ा जाएगा.