Meri Kahania

EPFO: EPF खातों को कर लें मर्ज, नहीं तो जिंदगी भर उठाना पड़ेगा नुकसान!

How to link all provident fund accounts: प्राइवेट नौकरियों में लोग अक्सर जॉब चेंज करके इधर-उधर जाते रहते हैं. जब कोई व्यक्ति नई जगह जॉइन करता है तो काफी लोग इस गफलत में रहते हैं कि पुराने वाला UAN नंबर की वजह से उनका नए वाला पीएफ अकाउंट अपने आप जुड़ जाएगा, जबकि ऐसा होता नहीं है.
 
EPFO: EPF खातों को कर लें मर्ज, नहीं तो जिंदगी भर उठाना पड़ेगा नुकसान!

Meri Kahania, New Delhi: ऐसे हालात में कर्मचारी को खुद EPFO की वेबसाइट पर जाकर अपने नए पीएफ अकाउंट को UAN से जुड़वाना पड़ता है. अगर आप करने में चूक कर जाते हैं तो आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है. 

अकाउंट न जुड़वाने के नुकसान -
फाइनेंशियल एक्सपर्टों के मुताबिक अगर आप नए ईपीएफ अकांउट को पुराने अकाउंट से मर्ज नहीं करवाते हैं तो पुराने अकाउंट में पड़ा हुआ पैसा आपको एक साथ नजर नहीं आएगा.

टैक्स सेविंग के लिहाज से भी ऐसा करना जरूरी माना जाता है. असल में 5 साल तक लगातार धनराशि जमा करने के बाद जब आप ईपीएफ अकाउंट से पैसा विदड्रा करते हैं तो उस पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता, जबकि उससे पहले पैसा निकालने पर ऐसा करना पड़ता है. 

सभी कंपनी काटेंगी अलग-अलग टीडीएस -
अपने सभी ईपीएफ अकाउंट मर्ज न करवाने पर हर कंपनी के हिसाब से टीडीएस अलग-अलग देना पड़ता है. मसलन अगर आप 2 कंपनियों में 3-3 साल काम करते हैं

तो दोनों कंपनियों के अकाउंट मर्ज करवाने पर आपका कुल अनुभव 6 साल गिना जाएगा. जबकि ऐसा न करने आपका अनुभव 3-3 साल का अलग- अलग गिना जाएगा. 

अकाउंट मर्ज करवाने का प्रोसेस -

  • अगर आप अपने सभी EPFO अकाउंट को आपस में मर्ज करवाना चाहते हैं तो इसके लिए EPFO के पोर्टल https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in पर क्लिक करें. 
  • इसके बाद Online Services सेक्‍शन में 'One Member - One EPF Account (Transfer Request)' चयनित कर लें. 
  • यह करने के बाद अपनी पर्सनल डीटेल्‍स और मौजूदा इंप्लायर की डिटेल भरकर अपने अकाउंट को वेरिफाई करें.
  • यह करने के बाद गेट डिटेल्स पर क्लिक करते ही पुराने नियोक्ताओं की लिस्ट खुल जाएगी.
  • आप अपने जिस अकाउंट को ट्रांसफर करवाना चाहते हैं, उस पर क्लिक कर दें. 
  • ऐसा करने पर 'Get OTP' लिखा आएगा. उस पर क्लिक करते ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा. इसे लिखकर सबमिट कर दें. 

यह प्रक्रिया पूरी होते ही आपकी रिक्वेस्ट सबमिट हो जाएगी. इसके बाद आपके मौजूदा नियोक्ता उसे अप्रूव करेगा. फिर EPFO आपके पुराने अकाउंट को नए अकाउंट में मर्ज कर देगा.