आ गया EPFO का अपडेट, जानकर रह जाएंगे हैरान!
Meri Kahania

आ गया EPFO का अपडेट, जानकर रह जाएंगे हैरान!

EPFO New Update: संगठित क्षेत्र में लगातार नौकरियों में इजाफा देखा दा रहा है। ऐसे में ईपीएफओ ने सितंबर में शुद्ध रूप से 17.21 लाख लोगों को जोड़ा है। ये जानकारी नियमित सैलरी रखने गए लोगों के लिए जारी की गई है।
 
आ गया EPFO का अपडेट, जानकर रह जाएंगे हैरान!

Meri Kahania, New Delhi: वहीं श्रम मंत्रालय ने इस सोमवार को एक बयान जारी किया है उनके मुताबिक इस साल अगस्त के मुकाबले सितंबर में शुद्ध रूप से 21 हजार 475 नए लोग ईपीएफओ से जुड़ें हैं। वहीं सालाना आधार पर सितंबर के मुकाबले इस साल इसी महीने शुद्ध रूप से 38 हजार 262 लोग जुड़ें थे।

वहीं मंत्रालय ने कहा कि तकरीबन 8.92 लाख नए लोग सितंबर में EPFO की स्कीम से जुडें है। नए सदस्यों में 58.92 फीसदी 18 साल से 25 साल की आयु के हैं। ये बतातता है कि जो भी सदस्य कार्यबल से जुड़ें हैं। उसमें काफी संख्या में युवा हैं। इनमें से काफी ऐसे लोग हैं जिनको पहली बार नौकरी मिली है।

रेगुलर सैलरी पर रखे गए लोगों के डेटा से पता चलता है कि 11.93 लाख लोग बाहक निकले लेकिन फिर से वह EPFO से जुड़े  हैं। इसका अर्थ है कि उनके द्वारा नौकरी बदली गई है।

बयान के मुकाबिक इन सभी सदस्यों ने अपनी नौकरी कर ली है और EPFO के दायरे में आने वाले लोग फिर से शामिल हो गए हैं। इन लोगों ने आखिर निपटान के लिए अप्लीकेशन करने के बजाय अपने EPF को नए संस्थान में ट्रांसफर करने का ऑप्शन चुना है।

आंकडों के मुताबिक सितंबर में 3.67 लाख लोग EPFO से बाहर हो गए हैं। ये इससे पिछले महीने के मुकाबले 12.17 फीसदी कम है। EPFO से बाहर होने वाले सदस्यों की संख्या जून 2023 से कम हो रही है।

मंत्रालय ने कहा कि माह के समय 8.92 लाख नए लोग जुडें हैं। इसमें से तकरीबन 2.26 लाख महिला सदस्या भी हैं जो कि EPFO से जुड़ें हैं इसके साथ में शुद्ध रूप से करीब 3.30 लाख महिलाएं भी EPFO से जुड़ी हैं।

देश के इन राज्यों में बढ़ा रोजगार

पेरोल के राज्यवार डेटा को देखें तो सबसे ज्यादा सदस्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, गुजरात और हरियाणा में ऐड किए गए हैं। शुद्ध रूप से जो भी सदस्य जुड़े हैं उसमें इनकी हिस्सेदारी 57.42 फीसदी है। इन राज्यों ने 9.88 लाख लोगों को जोड़ा गया है।

डेटा के मुताबिक चीनी उद्योग, कुरियर सर्विस, लोहा और इस्पात, अस्पताल, ट्रैवल एजेंसियों आदि में काम करने वालों की संख्या उल्लेखनीय रुप से बढ़ी है। क्यों कि ये रेगुलर चलने वाला प्रोसेस है। ऐसे में कर्मचारियों का रिकॉर्ड लगातार कम होता रहा है।

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