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Home Loan Rules: समय पर नहीं भर पा रहे हैं Home Loan की किस्ते, तो इस तरीके से बचाएं अपना घर 

Home Loan Rules: आज के समय अपना घर खरीदना सबसे मुश्किल काम है, क्योंकि इस समय महंगाई काफी बढ़ गई है। इसके लिए हम बैंक से लोन भी ले लेते हैं, लेकिन लोन लेने के बाद कई बार आर्थिक तंगी होने की वजह से हम होम लोन की किस्ते नही चुका पाते हैं। इससे आपका घर छीन जाने का खतरा भी बना रहता है। आइए जानते हैं इस समस्या से आप कैसे राहत पा सकते हैं...
 
Home Loan Rules: समय पर नहीं भर पा रहे हैं Home Loan की किस्ते, तो इस तरीके से बचाएं अपना घर 

Meri Kahania, Digital Desk- नई दिल्ली: आपको बता दें कि यदि लोन की तीन किस्तें लगातार बैंक में जमा नहीं होती हैं, तो बैंक की तरफ से उस अकाउंट को एनपीए में डाल दिया जाता है। बैंक एक साल तक होम लोन की किस्त चुकाने का इंतजार करता है, 

लेकिन उसके बाद फिर लोन लेने वाले व्यक्ति को बैंक की तरफ से डिफॉल्टर घोषित कर दिया जाता है। इसके बाद बैंक आपके घर को जब्त कर सकता है और सरफासी एक्ट के तहत उसे नीलाम कर सकता है।

आपको बता दें कि सरफासी एक्ट (प्रतिभूतिकरण और वित्तीय आस्तियों व प्रतिभूति हित अधिनियम 2002) किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान को लोन न चुका पाने वाले व्यक्ति की प्रॉपर्टी को नीलाम करने का अधिकार देता है।

इस एक्ट की सहायता से बैंक अपने एनपीए कम करते हैं। यदि आप भी कभी ऐसी मुश्किल में फंस जाएं और लोन न चुका पाएं तो भी आपके पास कुछ ऐसे तरीके हैं, जिनसे आप अपने घर को नीलाम होने से बचा सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।

लोन की समय सीमा बढ़वा लें

अगर आप होम लोन की किस्त नहीं चुका पा रहे हैं तो बैंक से बात करें और अपना लोन चुकाने की समय सीमा बढ़वा लें। हालांकि, ऐसा करने से आपको बैंक को अधिक रकम देनी पड़ेगी, 

लेकिन चुकाई जाने वाली किस्त की रकम कम हो जाएगी। डिफॉल्टर बनने से अच्छा है कि अधिक रकम चुकानी पड़े और घर नीलाम होने से बच जाए।

किस्त चुकाने से छूट मांगें

अगर आपको लगता है कि आपके पास कम किस्त चुकाने के लिए पैसे नहीं हैं, तो भी आप बैंक से किस्त चुकाने के लिए छूट मांग सकते हैं। अगर बैंक को आपका कारण सही लगा तो वह आपको कुछ दिनों का ग्रेस पीरियड दे देगा।

कोई भी बैंक अपने ग्राहकों को खोना नहीं चाहता है, इसलिए ग्रेस पीरियड मिलने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। हालांकि, इसके लिए आपको बाद में कुछ अतिरिक्त रकम देनी होती है, लेकिन आप डिफॉल्टर होने से बच जाते हैं और अपना घर भी नीलाम होने से बचा लेते हैं।

निवेश को बेच दें

आपको न ग्रेस पीरियड देता है और न ही लोन की समय सीमा बढ़ाता है तो आप अपने निवेशों को बेच कर होम लोन की किस्त के कुछ हिस्से की अदायगी कर सकते हैं। निवेश में आप अपने म्यूचुअल फंड को बेच सकते हैं या फिर अपने पोर्टफोलियो में मौजूद शेयरों को बेच सकते हैं।

यदि आपके पास यह विकल्प भी नहीं है तो यह आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। अगर आप भी होम लोन लेना चाहते हैं तो भविष्य में ऐसी किसी परेशानी से बचने के लिए पहले से तैयार रहें।