Delhi वालों को मिली बड़ी राहत, अब इन लोगों को नहीं भरना पड़ेगा tax
Meri Kahania

Property Tax: Delhi वालों को मिली बड़ी राहत, अब इन लोगों को नहीं भरना पड़ेगा tax

Delhi News: हाल ही में जारी की गई एक रिपोर्ट में सामने आया है कि दिल्ली के लोगों को सरकार की तरफ से बड़ी राहत दी गई है। दिल्ली के इन इलाकों में लोगों को प्रोपर्टी टैक्स में छूट दी जाएगी। दिल्ली में एमसीडी के ग्रामीण क्षेत्राधिकार वाले आवासीय इलाकों में लोगों को प्रोपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। आइए जानते हैं...
 
Property Tax: Delhi वालों को मिली बड़ी राहत, अब इन लोगों को नहीं भरना पड़ेगा tax

Meri Kahania, Digital Desk- नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में काफी आबादी मौजूद है। वहीं इस आबादी के रहने के लिए जगह की भी जरूरत पड़ती है। इस बीच दिल्ली के लोगों के लिए अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है। साथ ही इससे लोगों को टैक्स को लेकर भी काफी अहम राहत मिलने वाली है।

दरअसल, दिल्ली में अब कुछ इलाकों में लोगों को मकान या संपत्ति टैक्स में छूट दी जाएगी। इसका ऐलान भी कर दिया गया है। दरअसल, दिल्ली की महापौर शैली ओबेरॉय ने शनिवार को एमसीडी के ग्रामीण क्षेत्राधिकार वाले आवासीय इलाकों के लिए मकान या संपत्ति कर में छूट की घोषणा की।

दिल्ली नगर निगम-

ओबेरॉय ने कहा कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ग्रामीण क्षेत्रों में 'लाल डोरा' या विस्तारित 'लाल डोरा' संपत्तियों से कोई गृह कर वसूल नहीं करेगा। उन्होंने कहा,

“एमसीडी अपने ग्रामीण क्षेत्राधिकार में लाल डोरा या विस्तारित लाल डोरा के तहत आने वाले रिहाइशी इलाकों को न तो नोटिस भेजेगी और न ही संपत्ति कर वसूलेगी। दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से यह बड़ी राहत है।”

संपत्तियों पर टैक्स-

हालांकि इसके अलावा कुछ संपत्तियों पर टैक्स लगेगा। ओबेरॉय ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में वाणिज्यिक संपत्तियों पर लगाया गया कर यथावत रहेगा। हजारों सड़कें भी दिल्ली में एमसीडी के तहत आती है। 

दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में लगभग 2,168 सड़कें एमसीडी के तहत अधिसूचित हैं और इन सड़कों पर स्थित वाणिज्यिक संपत्तियों को संपत्ति कर का भुगतान करना होगा।

पंचायत आयोजित की गई थी-

इससे पहले संपत्ति कर को लेकर चर्चा भी की गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए गए संपत्ति कर के मुद्दे पर चर्चा के लिए तीन सितंबर को दिल्ली के 360 गांवों की एक पंचायत आयोजित की गई थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है। इससे जनता को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है।

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