सरकार कर्मचारियों की NPS में करने जा रही है ये बड़ा बदलाव!
Meri Kahania

सरकार कर्मचारियों की NPS में करने जा रही है ये बड़ा बदलाव!

केंद्र सरकार इस साल के अंत तक पेंशनर्स को एक बड़ा तोहफा दे सकती है. छपी एक खबर के मुताबिक, राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) में संशोधन कर सरकार पेंशनर्स को अंतिम सैलरी का कम से कम 40-45% देने पर विचार कर रही है.

 
सरकार कर्मचारियों की NPS में करने जा रही है ये बड़ा बदलाव!

Meri Kahania, New Delhi: फिलहाल इस मामले को देख रहे एक उच्च स्तरीय पैनल की सिफारिशों के बाद स्कीम में संशोधन किए जाने की संभावना है. अगर यह लागू होता है, तो लगभग 8.7 मिलियन केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को इससे फायदा होगा.

2004 में लॉन्च की गई नई बाजार-लिंक्ड पेंशन योजना, पुरानी पेंशन योजना की तरह गारंटीड रिटर्न प्रदान नहीं करती है. पुरानी पेंशन योजना में पेंशनर्स को रिटायरमेंट से पहले रही अंतिम सैलरी के 50 फीसदी मंथली बेनिफिट्स मिलते हैं.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, संशोधित नई पेंशन योजना में ज्यादा रिटर्न की पेशकश के लिए कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं. इसमें कर्मचारी और नियोक्ता की तरफ से किए गए योगदान के हिस्से में भी बदलाव देखने की संभावना है. इस मामले में नियोक्ता केंद्र और राज्य सरकार है.

पेंशन स्कीम बनी राजनीतिक मुद्दा-

देश में पेंशन स्कीम फिलहाल एक राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है. इस बीच कई विपक्षी शासित राज्यों ने फिर से पुरानी पेंशन योजना को लागू कर दिया है.

इनमें राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब शामिल हैं. कुछ इकोनॉमिस्ट्स का कहना है कि यह राज्य सरकारों को दिवालियापन की तरफ धकेल सकता है.

आलोचना का सामना कर रही सरकार-

नई योजना को कर्मचारी की तरफ से किए जा रहे योगदान को लेकर भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि यह पुरानी पेंशन योजना का हिस्सा नहीं है.

पुरानी पेंशन योजना में सरकार ही पूरी राशि का योगदान करती थी. नई पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारी अपनी सैलरी का 10% जबकि सरकार 14% योगदान देती है.

एनपीएस पेंशनर्स को रिटायरमेंट के समय कोष का 60% टैक्स-फ्री निकालने और बचे हुए 40% के लिए एन्युटी खरीदने की अनुमति देता है. एन्युटी पर टैक्स लागू होता है.

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