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UP news : बदल गए मकान का नक्शा बनाने के नियम, इतने दिन बाद रद्द हो जाएगा प्लान!

यूपी की योगी सरकार ने आवासीय व व्यवसायिक निर्माण कराने के लिए मानचित्र स्वीकृत को लेकर नियमों में बड़ा फेरबदल कर दिया है। शासन स्तर से मानचित्र पॉलिसी में बदलाव करते हुए शुल्क जमा कराए जाने से लेकर आपत्तियों के निस्तारण के लिए समय सीमा तय कर दी गई।
 
UP news : बदल गए मकान का नक्शा बनाने के नियम, इतने दिन बाद रद्द हो जाएगा प्लान!

Meri Kahania, New Delhi:  अब आवेदन किए गए मानचित्र पर प्राधिकरण से लगाई गई आपत्ति का 15 दिन में निस्तारण कराना होगा। वहीं मानचित्र शुल्क भी एक माह में जमा करना होगा।

अब तक इसके लिए कोई भी अंतिम तिथि निर्धारित नहीं थी। जिसके चलते महीनों तक मानचित्र लंबित पड़े रहते थे। सुनियोजित विकास की जिम्मेदारी प्राधिकरण की होती है।

अलीगढ़ विकास प्राधिकरण महायोजना-2021 के तहत मानचित्र स्वीकृत करता है। किसी भी भवन निर्माण के लिए आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करना होता।

जिसके बाद प्राधिकरण के अलग-अलग पटलों पर इसकी जांच होती है। कोई भी आपत्ति लगने पर आवेदन को इनका निस्तारण कराना होता है। इसके बाद मानचित्र स्वीकृति का आदेश जारी कर संबंधित आवेदक को फीस जमा करने के निर्देश दिए जाते हैं।

अब तक मानचित्र स्वीकृति के बाद फीस जमा करने की कोई भी अंतिम तिथि निर्धारित नहीं थी। इसके चलते महीनों-महीनों तक मानचित्र लंबित पड़े रहते थे। अब ऐसा नहीं होगा।

अब आपत्ति निस्तारण के लिए भी 15 दिन का समय निर्धारित किया गया है। अगर आर्किटेक्ट व आवेदक इस अवधि में निस्तारण नहीं करते हैं तो फिर स्वत: ही नक्शा निरस्त हो जाएगा।

बिल्डरों पर पड़ेगा प्रभाव
शासन स्तर से मानचित्र स्वीकृति पॉलिसी में किए गए बदलाव का सबसे ज्यादा असर बिल्डरों पर आएगा। दरअसल बड़े बिल्डर किश्तों में मानचित्र स्वीकृति का शुल्क जमा करते हैं। अब नई पॉलिसी के तहत एक महीने में पूरी फीस जमा करनी होगी।

12 मीटर चौड़े मार्ग पर भी पास होंगे गेस्ट हाउस के नक्शे
शासन स्तर से भवन निर्माण व विकास उपविधि में भी संशोधन किया गया है। इसके तहत 12 मीटर चौड़े मार्ग पर भी अब गेस्ट हाउस के नक्शे पास हो सकेंगे। अब तक 22 मीटर चौड़े मार्ग पर ही स्वीकृति होती थी।

वीसी एडीए अतुल वत्स के अनुसार शासन द्वारा मानचित्र स्वीकृति व शुल्क जमा करने के लिए नई पॉलिसी बनाई गई है। जिसके तहत मानचित्र स्वीकृत होने के एक माह में पूरा शुल्क जमा करना होगा। वहीं स्वीकृति से पहले जो भी आपत्ति लगेंगी, उसका निस्तारण 15 दिन में करना होगा।